गांव बमियांवाल में भगवान वाल्मीकि जी के पावन मंदिर में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा एक विशाल एवं आध्यात्मिक सत्संग समागम का आयोजन किया गया। इस समागम में गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य स्वामी विष्णुदेवानंद जी ने विशेष रूप से शिरकत की और संगत को अपने प्रेरणादायक विचारों से निहाल किया।
स्वामी विष्णुदेवानंद जी ने अपने उपदेशों में कहा कि गुरु के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है। सच्चा गुरु ही मनुष्य को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान, भक्ति और सत्य के मार्ग पर ले जाता है। उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य भौतिक सुखों की दौड़ में आत्मिक शांति को भूल चुका है, लेकिन सत्संग के माध्यम से मनुष्य अपने भीतर झांककर अपने वास्तविक जीवन उद्देश्य को समझ सकता है।
उन्होंने भगवान वाल्मीकि जी की महान शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में समानता, सेवा, प्रेम और भाईचारे की भावना को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। भगवान वाल्मीकि जी ने मानवता को सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी, जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।
समागम के दौरान भजन-कीर्तन के माध्यम से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंगा गया। संगत ने बड़ी श्रद्धा और भावना के साथ गुरु महिमा का गान किया। बड़ी संख्या में गांववासियों एवं आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने समागम में उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
अंत में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से समागम की सफलता में सहयोग करने वाले सभी सेवादारों एवं गांववासियों का धन्यवाद किया गया तथा अन्त में भाजपा लीडर सुमन मट्टू जी ने गांव कुक्कड़ पिंड, बम्मीवाल के लोगों और समस्त मानवता की सुख-शांति, भलाई के लिए प्रार्थना की।